Khatushymji Falguni Mela 2018:Khatushyamji Mela 2018 |खाटूश्यामजी फाल्गुन मेला 2018

श्याम सतरंगी फाल्गुन मेला 2018,shyam baba bhajan,falgun mela in khatu,श्याम बाबा आरती,खाटू नगरी का इतिहास,Khatu ke Baba Shyam ji,खाटू के श्री श्याम,खाटू नरेश,श्री खाटू श्याम जी,Live Khatu Shyam,Fagun Mela 2018,falgun mela 2018,khatu shyam falgun,khatu shyam live darshan online

खाटूश्यामजी.हारे का सहारा बाबा श्याम का खाटू दरबार फाल्गुन लक्खी मेले के लिए एक बार फिर तैयार हो रहा है। वर्ष 2018 का खाटू मेला 17 फरवरी से शुरू होगा। साल दर साल खाटू मेला विशाल होता जा रहा है। कई व्यवस्थाएं बदलती जा रही हैं। समय के साथ-साथ खाटू मेले में भी काफी बदलाव आ गया है। खाटू मेले 2018 से पहले आइए आपको बताते हैं कि पिछले 80 साल (आठ दशक) में श्याम नगरी में क्या बदला और कैसे इसके मेले की शुरुआत हुई।
17 फरवरी से शुरू होगा खाटू मेला 2018, जानिए इस बार के मेले की ये खास बातें, कई व्यवस्थाओं में बदलाव

1. Khatushyamji:छोटा सा मंदिर बना गया विशाल

श्री श्याम मंदिर कमेटी के अध्यक्ष मोहनदास महाराज ने बताया कि खाटूश्यामजी में बाबा श्याम का मंदिर सन् 1777 ईस्वी में स्थापित हुआ। शुरुआत में मंदिर छोटा था, मगर वर्तमान में खाटूश्यामजी मंदिर विशाल हो गया है। हर साल इसमें नवीन कार्यों का निर्माण होता रहा है।

2. Khatushyamji:तब आते थे ऊंटगाड़ी और बैलगाड़ी में

खाटूश्यामजी मंदिर निर्माण के बाद से ही यहां श्याम भक्तों के पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया था। अस्सी के दशक तक ज्यादातर श्याम भक्त यहां ऊंटगाड़ी व बैलगाड़ी में बैठकर आते थे, मगर वर्तमान में लग्जरी कारों और बसों की भी यहां पहुंच हो गई। पैदल यात्री भी बड़ी संख्या में आते हैं।

3. Khatushyamji mela:पहले सिर्फ एकादशमी अब हर माह

बाबा श्याम में भक्तों की आस्था दिनोंदिन बढ़ती जा रही है। किसी जमाने में यहां पर केवल फाल्गुन माह की शुक्ल पक्ष की एकादशमी को ही सैकड़ों श्याम भक्त एकत्रित होकर रात्रि को भजन कीर्तन कर बाबा को रिझाया करते थे, मगर अब फाल्गुन में लक्खी मेला भरता है। हर माह मासिक मेले में भी श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ता है।

4. Khatushyamji temple mela:तीस लाख तक पहुंची श्याम भक्तों की संख्या

पहले खाटूश्यामजी दरबार में गिनती के भक्त पहुंचा करते थे। वर्ष 1980 के बाद से यहां भक्तों की संख्या में कुछ इजाफा हुआ। ये संख्या सैकड़ों से हजारों में तब्दील हो गई। अब खाटू के लक्खी मेले में तकरीबन 30 लाख श्याम भक्त आते हैं।

5. Khatushyamji  temple devotees:देश ही नहीं बल्कि विदेश से आने लगे श्याम भक्त

संसाधनों के बढऩे से श्याम भक्तों की खाटूनगरी में पहुंच भी आसान हो गई। किसी जमाने में राजस्थान के ही ज्यादातर श्रद्धालु यहां आते थे, मगर वर्तमान न केवल राजस्थान बल्कि मुम्बई, कोलकाता आदि दूर दराज के स्थानों और विदेशों तक से भी श्रद्धालु खाटूश्यामजी आने लगे हैं।

6. Khatushyamji  falguni mela:कभी कबुतरिया चौक में भरता था मेला

मंदिर कमेटी के अध्यक्ष मोहनदास महाराज ने बताया कि श्री श्याम मंदिर कमेटी की स्थापना सन् 1986 में हुई और इसका विधान 1995 में बना। सन् दो हजार में मंदिर परिसर में भरने वाला मेला मुख्य बाजार (कबुतरिया चौक)में भरने लग गया और मेले की बागडोर श्री श्याम मंदिर कमेटी ने संभाल ली और प्रशासन की देखरेख में ये मेले आयोजित होने लगे।

7. Khatushyamji:भक्तों के साथ व्यापार बढ़ा

खाटूधाम में भक्तों की भीड़ के साथ बाजार का भी विस्तार हुआ है। जो बाजार केवल कबुतरिया चौक तक सीमित था वो अब विस्तार पाकर रींगस व दांतारामगढ़ रोड़ तक हो गया है। कुछ सालों पहले यहां का व्यापार लाखों में हुआ करता था वो अब करोड़ो में पहुंच गया।

8. Dhramsalas in Khatushyamji | Hotels in Khatushymji | धर्मशालाएं बन गई थ्री स्टार होटल

बदलते नये दौर के साथ खाटू नगरी की हर गली में मकानों से ज्यादा धर्मशालाओं की संख्या हो गई हंै। रींगस से लेकर खाटू में अनेको एसी धर्मशालाए हंै। जिनमें थ्री स्टार होटल की तरह सुख सुविधाएं मौजूद हैं।

How to Reach Khatushyamji:श्याम दरबार तक पहुंचने के रास्ते

बाबा श्याम के मेले में आने वाले श्याम भक्तों को रींगस रोड़ पर सरकारी पार्किंग के पास से मुख्य मेला मार्ग जो गुणगान नगर बिजली स्टेशन के पास से होते हुए खटीकान मोहल्ला, केहरपुरा तिराहा से लामिया तिराहे से रावण टीबे के पास स्थित गोचर भूमि में बने जिगजैग से होते हुए कुमावत कृषि फार्म से होकर श्री श्याम बगीची के पास मुख्य मेला मैदान में बनी जिगजैग से होकर मंदिर पहुंचेंगे। जहां सभी को श्याम बाबा के आलौकिक श्रृंगार के दर्शन होंगे।

Know More About Khatushyamji At: